इवांजेलिस्ट-लूथरन जर्मन चर्च, वेलिकोडोलिन्सकोे
इवांजेलिस्ट-लूथरन चर्च का निर्माण 1848 में वर्तमान वेलिकोडोलिंस्कое गाँव में किया गया था। इस गाँव की अनोखी इतिहासिक विरासत 1804 से यहाँ उपस्थित जर्मन समुदाय के कारण है; तब इस स्थान का नाम ग्रोसलीबेंटाल था। यहाँ आकर बसने वाले जर्मन उपनिवेसिकों की धार्णाएं धार्मिक दृष्टि से इवांजेलिस्ट-लूथरन प्रकार की थीं, और इसी कारण उन्होंने जल्द ही अपने धार्मिक अनुष्ठानों के लिए एक बड़ा चर्च बनवाने का निर्णय लिया।
बनी हुई इस इमारत की आकर्षक वास्तुकला थी; इसमें एक ऊँचा गुंबद, आंतरिक छतों पर आर्क, गायन हेतु दो मंजिलें, सुंदर चित्रकारी एवं ईकोनस्टास भी शामिल थे। कॉलमों की आठगोना संरचना देखकर कल्पना प्रेरित हो जाती थी, एवं यह गुंबद पूरे ग्रोसलीबेंटल में सबसे ऊँची इमारत था।
कई क्रांतियों, विश्वयुद्धों एवं सोवियत काल के बाद, इस चर्च को स्थानीय पादरियों को सौप दिया गया। 1993 में इसकी मरम्मत का निर्णय लिया गया; कई दशकों तक इसका गलत उपयोग हुआ था। परिणामस्वरूप, इस प्रसिद्ध चर्च की वास्तुकला, आंतरिक सजावट एवं बाहरी दृश्य सभी पूरी तरह बदल गए।
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